Thursday, March 18, 2010

How Times changes???
कल जब हम छोटे थे और कोई हमारी बात समझ नहीं पता था,तब सिर्फ एक हस्ती थी जो हमारे टूटे फूटे अल्फांज भी समझ जाती थी और आज हम उसी हस्ती को ये कहते हैं कि आप नहीं जानती, आप नहीं समझ पाएंगी, आप कि बातें मुझे समझ नहीं आती,... हो गयीं अब आप खुश!!!!!
Respect this Honourable personality before the Companionship ends।"It's tribute to our lovely Mother"
सख्त रास्तों में भी आसान सफ़र लगता है
ये मुझे "माँ" कि दुआओं का असर लगता है ,
एक मुद्दत से मेरी माँ नहीं सोई जब
मैंने एक बार कहा था
"माँ" मुझे डर लगता है ......
Hey friends let me know???what u guys think.

7 comments:

  1. very good abhay ji keep it up. manoj kushwah, indore. see also www.kushwahsamaj.blogspot.com

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  2. "आज हम उसी हस्ती को ये कहते हैं कि आप नहीं जानती, आप नहीं समझ पाएंगी, आप कि बातें मुझे समझ नहीं आती" - यही सोच बनी रहे - शुभकामनाएं

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  3. हिन्दी ब्लॉगजगत के स्नेही परिवार में इस नये ब्लॉग का और आपका मैं ई-गुरु राजीव हार्दिक स्वागत करता हूँ.

    मेरी इच्छा है कि आपका यह ब्लॉग सफलता की नई-नई ऊँचाइयों को छुए. यह ब्लॉग प्रेरणादायी और लोकप्रिय बने.

    यदि कोई सहायता चाहिए तो खुलकर पूछें यहाँ सभी आपकी सहायता के लिए तैयार हैं.

    शुभकामनाएं !


    "टेक टब" - ( आओ सीखें ब्लॉग बनाना, सजाना और ब्लॉग से कमाना )

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  4. बहुत अच्छे अभय, लगे रहो

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  5. ye aapka likh hua to nahi hai!

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  6. हिंदी ब्लाग लेखन के लिए स्वागत और बधाई
    कृपया अन्य ब्लॉगों को भी पढें और अपनी बहुमूल्य टिप्पणियां देनें का कष्ट करें

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  7. " बाज़ार के बिस्तर पर स्खलित ज्ञान कभी क्रांति का जनक नहीं हो सकता "

    हिंदी चिट्ठाकारी की सरस और रहस्यमई दुनिया में राज-समाज और जन की आवाज "जनोक्ति.कॉम "आपके इस सुन्दर चिट्ठे का स्वागत करता है . चिट्ठे की सार्थकता को बनाये रखें . अपने राजनैतिक , सामाजिक , आर्थिक , सांस्कृतिक और मीडिया से जुडे आलेख , कविता , कहानियां , व्यंग आदि जनोक्ति पर पोस्ट करने के लिए नीचे दिए गये लिंक पर जाकर रजिस्टर करें . http://www.janokti.com/wp-login.php?action=register,
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